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प्रधानमंत्री राष्ट्रिय राहत कौष में सभी योगदान (PMNRF)आयकर अधिनियम 1961की धारा 80 G के अंतर्गत घौषित आय से 100% कटौती केलिये अधिसूचित हैं ।    
  अनुमोदित पाठयक्रम - छात्रौके लाभ / बैंक सब्सिडी हेतु

Entrance 2017 Announced !

  


निदेशक का सन्देश

इलाहाबाद का राष्ट्रीय  नागर विमानन प्रशिक्षण   केंद्र  1962 से बंद था |   वाणिज्यिक पायलटो  के प्रशिक्षण का कार्य भार  फ्लाइंग क्लबो के कंधो  पर आगया था |  उस समय फ्लाइंग क्लब केवल पीपीएल प्रशिक्षणके लिये ही इक्विप्ड थे | चूकि  कोई दूसरे विकल्प मौजूद नही थे अतएव  इन्ही पर निर्भर रहना एक अकेला विकल्प था | एयर लाइंस के  द्वारा जल्दी ही यह मह्सूस किया गया   जो उत्पाद उन्हे फ्लाइंग क्लबो से मिल रहा है वह उनकी आवश्यकता की पूर्ति करने मे असफल रहा है | जितनी  उनकी जरूरत थी उतने स्तर के कौशल  और  शिल्प मे अंतर मिला |हमारे स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी  खुद  ही एक एयर लाइंस  पायलट थे | उन्होने इस मामले को समझा और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय  उडान अकादमी की स्थापना की | सरकारी पत्र 1986 मे इसकी स्थापना के लिये  जारी कियागया , आधार भूत सरचना हेतुआवश्यक एवम स्तरीय उपस्करो कीव्यवस्था की गयी ताकि स्तरीय वैमानिक प्रशिक्षण  दिया जासके |

परिणामस्वरूप गुणवत्ता युक्त पायलटो का उत्पादन एयर सेफ्टी को ध्यान मे रख कर किया जासके | आगे यह कहना है कि सरकार ने उत्क्रष्टता  के पैमाने पर खरा उतरने वाला,  देश मे पायलट प्रशिक्षण का केंद्रीय संस्थान बनाया | जैसे कि भारतीय  तकनीकी संस्थान  एवम अखिल भारतीय  आयुर्विग्यानसंस्थान हैं ,   इसी प्रकार से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उडान अकादमी  फुरसत तगंज मे स्थापित की  गया|     इग्रुआ को इस तरह से स्थापित किया गया  कि इसमे एकल इंजिन वायुयान  फ्रांस सकोटा  निर्मित टीबी20  बीच क्राफ्ट किंगएयर वायुयान  और साथ ही इसी से जुडा  छ अक्षो पर घूरणन  करने वाला सिमुलेटर है |  इस एयरफील्ड मे खुद के  नैवीगेशन और लैन्डिंग सेवाये उप्लब्ध है जो कि आज तक इसके समान अन्य फ्लाइंग क्लबो मे नही है  | शुरूआती सालो मे पीपीएल धारक फ्लाइग क्लबो से इगुआ मे प्रवेश करते थे  |यहा से उन्हे उच्च स्तर की ट्रास पोर्ट एयरलाईंस के टक्कर का  सी पी एल प्रशिक्षण  दिया जाता था | इसके साथ ही मल्टीइंजिन और इंस्ट्रमेंट रेटिंग  प्रशिक्षण भी दिया जाता है  |

अभी जल्दी ही एबइनीशियो सीपीएल पाठ्य क्रमभी  शुरू किया गया है |इग्रुआ का वार्षिक  सीपीएल उत्पाद 20 पायलट था  | हमारी दो राष्ट्रीय  एयर लाइने इग्रुआ को गुण वत्ता  युक्त  उत्पादो  के बदले वार्षिक भुगतान  निधि के रूप मे करता  है ओपन  स्काई नीति  2005 तथा  एयर लाइंस मे त्वरित व्रद्धि  के कारण सरकार ने इग्रुआ मे प्रसार के लिये मन बनाया | परिणाम स्वरूप   नये डायमंड  वायुयानो का तथा दो मल्टी डी ए 42 का खरीदा जाना तय हुआ  इग्रुआ के प्रबंधन  का जिम्मा 2008 मे अंतर राष्ट्रीय  कंपनी सी ए ई को सौपा गया |आज इग्रुआ के वार्षिक  सी पी एल होल्डर की संख्या 80 है जो की जल्दी  ही सौ के पार होगी | इग्रुआ  का उत्पाद का  एयर लाइनो मे बेहद माग है और इसको   आई आई टी के समकक्ष मान प्राप्त है | भारतीय  नव सेना एवम कोस्ट गार्ड ने प्रशिक्षण  के लिये  इग्रुआ को चुना है | 2013 से नेवी प्रति 6 महीने मे 10 पायलट इग्रुआ को  भेजते  है | इसी क्रम मे कोस्टगार्ड भी  2014 मे 4 पायलट  प्रति 6 माह मे भेजते है  इग्रुआ ने अपने सफल 25 वर्ष  12 सितम्बर2011 को पूरे किये है | इस महा रजतजयंती समारोह   मे माननीय व्यालार  रवि तथा माननीय राहुल गांधी सासद श्री सतीश शर्मा सांसद  श्री एस एन ए ज़ैदी सचिव नागर विमानन मंत्रालय और शाषी संस्था के अन्य सदस्यो ने  भाग लिया | मंच पर इग्रुआ के भविष्य  हेतु   योजनाओ की घोषणाये    की गयी |

  इस वेब साइट के अन्य अनुभागो मे इग्रुआ के फोटो  वी डी ओ और भविष्य  की योजनाये भी  वर्णित है | रजत जयंती समारोह अपने आप मे स्नात्कोत्सव को भी शामिल किये है| जिसमे उत्तम   प्रशिक्षुओ को ट्राफी  और तमगो के साथ सम्मानित किया गया | स्नातकोत्सव अब प्रति वर्ष  परम्परा के रूप मे मनाया जाता है | अभी जल्दी ही जुलाई 2016 मे मनाये  गये स्नातकोत्सव   की फोटो इग्रुआ की वेब साइट पर उपलब्द्ध हैं  |

 इग्रुआ को नागर विमानन प्रशिक्षण  का केंद्र माना जाता है | संसद के द्वारा विधिवत बिल पारित होने के बाद  केंद्रीय विमानन विश्व विद्यालय और ए एम ई स्कूल इग्रुआ  परिसर मे निर्माणाधीन है | ए एम ई पाठ्य क्रम की शुरूआत सम्भवता वर्ष 2017-18 से होगी|  इस प्रकार अब इग्रुआ नागर विमानन प्रशिक्षण की धुरी  बन गया है |

वी के वर्मा
एयर मार्शल (से नि)
निदेशक

 
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