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Interview Schedule for Entrance 2017 Announced !

 
  

 

इग्रुआ मे प्रशिक्षण की  प्रगति

जैसे ही प्रशिक्षणार्थी इग्रुआ मे पायलट बनने  हेतु प्रवेश लेता है तब उसे  विभ्न्न मील के पत्थरो से होकर गुजरना पडता है |

दिशोन्मुखी सप्ताह

इग्रुआ मे प्रवेश के पश्चात अकादमी परिसर मे  प्रथम चरण आरम्भ होता है वस्तुत:  स्वागत समारोह  के रूप मे जिसमे वरिष्ठ कैडिट्स अपने नवागतो का स्वागत करते हैं ।

कामर्शियल एवियेशन उच्च स्तरीय मानको का पक्ष धर है । अकादमी मे हर फ्लाइंग कैडिट को  उच्च स्तरीय जीवन मूल्य एवम सत्यनिष्ठा पर आधारित व्यवसायिक चेतना से युक्त सांचे मे ढाला जाता है ।  प्रवेश की औपचारिकताओ   के पूरा होने के बाद परिसर के भीतर बने  हास्टल मे उन्हे साफ सुथरा एवम पूर्ण रूप से सुसज्जित कमरा आबंटित किया जाता है तत्पश्चात उनका पदार्पण  होता है एफ ओ सी मे ,  जहाँ  उन सब को प्रशिक्षण से सम्बंधित हिस्सो जैसे रनवे,  हवाईजहाज,  एटीसी ,  हैंगर तथा नैव-एड इत्यादि जगहो की जानकारी दी जाती है जो कि उन सब को हवाई जहाज उडाने के समय मे रोज मर्रा के  प्रशिक्षण काल मे काम आते है ।  सप्ताह के अंत मे समस्त नवागत कैडिटो को सिमुलेटर तथा  प्रशिक्षण हवाई जहाज पर राइड दी जाती है ।

 

 

थल प्रशिक्षण

 

ओरियेटेशन सप्ताह पूर्ण  होने के बाद थलप्रशिक्षण का चरण आरम्भ होताहै ।जहाँ पर प्रशिक्षणार्थी एवियेशन के मूल विषयो का अध्ययन करते है जो सीपीएल परीक्षा पास करने के लियेआवश्यक होते हैं , जैसे एयर नैवीगेशन,एयर रेगुलेशन,एवियेशन मेट्रोलाजी,टेक्निकल जनरल तथा रेडियो एड्स आदि ।थल प्रशिक्षण फैकल्टी मे सुयोग्य प्रशिक्षक , अपने विषय के विशेषग्य होते हैं‌।

इन विषयो की नियमितअंतराल मे ऑन लाइन परीक्षा भी होती रहती है जो कैडिट के आगे के चरण  अर्थात उडान प्रशिक्षण मे पहुचने  का निर्धारण करती है या फिर उसे  थल प्रशिक्षण मे और समय देतेहै  ताकि कैडिट विषय को ठीक से समझ ले ।

उडान प्रशिक्षण आरम्भ होता है  वस्तुत: पूर्व  उडानथल प्रशिक्षण सेउडान प्रशिक्षण आरम्भ होता है  जो इस टर्म के

 

लिये कैडिट को तैयार करता है जैसे ही कैडिट विशेष वायुयान पर पी एफ जी टी टेस्ट पास कर लेता है वह तुरंत एस  पी एल परीक्षा मे बैठता है जिसमे मौखिक / उसके बाद एफआरटीओएल का लिखित और मौखिक इम्तिहान होता है ।

जैसा कि एयरलाइंस पायलट को जरूरी होता है कि वह अपने सम्पूर्ण एवियेशन काल मे पूर्ण स्वस्थ रहे । इसलिये इसके मद्देनजर कैडिट्स को ग्राउंड ट्रैनिंग काल मे पीटी खेलकूद आदि आवश्यक होते हैं । विभिन्न प्रकार के खेल,जिम सुविधायेआदि उपलब्ध है जिन्हे कैडिट्स को इस्तेमाल करने के लिये प्रोत्साहित किया जाता है तरण ताल वर्ष मेआठ महीने खुला रहताहै । कैड्ट्स भाषाअंग्रेजी बोलने मे काफी ध्यान दिया जाता है इसीलिये इन सभी को प्रतिदिन किसी विषय पर रोजमर्रा के थलप्रशिक्षण के पहले भाषण  देना जरूरी होताहै । यह संवाद की कुशलता  एवम     आत्म विश्वास  के लिये सहायकहै ।

इग्रुआ पुस्तकालय मे पुस्तके काफी मात्रामे अध्ययन के लिये उपलब्ध रहतीहैं । सबसेबडीबातहै कीऑक्सफोर्ड पुस्तके विषय हेतु उपलब्ध  रहती हैं । इग्रुआ मे ऐसी कोई कोर कसर नही छोडी जाती है और वह सब प्रदान किया जाता है जो कैडिटस को आगे बढने मे सहायक हो, जिससे अंतत:अच्छे परिणाम मिलते है । डीजीसीए की तर्ज़ पर मोक आन्लाइन टेस्ट लेने को प्रोत्साहन दिया जाता है ताकि डीजीसीए की परीक्षा देते समय विद्यार्थियों का आत्म्विश्वास प्रबल रहे । मूलत: प्रयास यही रह्ता है कि कैडेट्स डीजीसीए की परीक्षा शीघ्र अति शीघ्र उतीर्ण करें और अगली उडान प्रशिक्षण स्टेज के लिये तैयार हों । इसके अलावा आरटीआर  परीक्षा ( रेडिओ टेलिफोनी ) भी उतीर्ण करना अनिवार्य होता है जिसकी तैयारी थल प्रशिक्षण और उडान प्रशिक्षण स्टेज मे की जाती है । 

   

उडान प्रशिक्षण स्टेज

 

उडान प्रशिक्षण स्टेज आरम्भ  होती है वस्तुत: पूर्व उडान थल प्रशिक्षण से ( पीएफजीटी ) जो इस टर्म के लिये कैडिट को तैयार करता है । जैसे ही कैडिट विशेष वायुयान पर  पी एफ जी टी टेस्ट पास कर लेता है वह तुरंत एस पी एल परीक्षा मे बैठता है जो कि मौखिक / लिखित होती है । तदउप्रान्त एफआरटीओएल (फ्लाइट रेडिओ ओपरेटरस  लाइसेंस)     की लिखित और मौखिक परीक्षा होती है ।

जैसे ही ऊपरोक्त तीनों मानदंड पूरे होते हैं , कैडेट अगली अति रोचक उडानपूर्व स्टेज - सिमुलेटर पर अग्रसित हो जाता है।

इग्रुआ मे स्थापित सिमुलेटर विश्व स्तरीय है जो 1800 डिग्री के विजुअल , जिनमे मौसम अथवा आपातकाल की किसी भी तरह की परिस्थिति को सिमुलेट किया जा सकता है जो वास्तविक उडान   के समय पेश आ सकती   है  ।

 

सिमुलेटर ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कैड्ट तीन मुख्य चीजो मे पारंगत हो जाते है जैसे ओरियेंटेशन , नियंत्रण एवम आराम यानी कम्फोर्ट       ( इस प्रकार के अलग वातावरण मे भी ) एक बार कैडिट  जैसे ही सिमुलेटर से ट्रेनिग प्राप्त कर लेता है उसका एयर एक्स्पीरियेंस कान्टेस्ट होता है जो शुरूआती दौर का बेहद रोमांचकारी अनुभव होता है जैसा कि हर कैडिट के लिये  यह क्षेत्र नया ही होता है उडान प्रशिक्षण का पाठ्य क्रम इस  तरह से विनियमित होता है कि जो लगभग उडान के विस्त्रित दायरे को समेट लेता है यह अनुभव वस्तुत: सीपीएल निर्गत होने के लिये पर्याप्त होने से कही अधिक ही होता है । 

एफटीटीपी दस्तावेज के माध्यम से कैडिट की उडान प्रशिक्षण काल मे किसी बिंदु पर नियमित प्रगति की समीक्षा व चौकसी होती रहती है ताकि उडान प्रशिक्षणकाल मे  किसी बिंदु पर वायु सुरक्षा से समझौता  न हो।  शुरूआती 15 घंटे वह किसी योग्य उडान अनुदेशक के साथ डुअल प्रशिक्षण लेने के बाद कैडिट स्वयम एकल उडान यानी सोलो फ्लाइंग के योग्य हो जाता है ! अपनी प्रथम सोलो उडान पूरी होने पर उसे विंग्स प्रदान की जाती है जिसे वह अपने सीने पर धारण करता है । चार सोलो उडान पूरी करने के बाद उसे सर्किट लैंडिग चरण के लिये मुक्त कर दिया जाता है। 40 घंटे  की उडान पूरी करने के पश्चात वह अपने कंधो पर एक सुनहरी पट्टी धारण करता है ।  उसके बाद जनरल फ्लाइंफ, इंस्ट्रूमेंट उडान तथा क्रॉस कंट्री अर्थात नैवीगेशन  उडान का प्रशिक्षण होता है ।  160 घंटे पूरे करने के पश्चात रात्रि उडान का प्रशिक्षण आरम्भ होता है।  इग्रुआ का रन -वे पर्याप्त  लाइट की व्यवस्था से सज्जित है अत: बिना बिलम्ब के तथा  दोष रहितऔर आराम से रात्रि उडान का प्रशिक्षण चलता है । 

शीतकालीन समय मे जब इग्रुआ मे खराब मौसम के कारण द्र्श्यता बाधित  के कारण उडान मे बाधा पहुचती है  तब लगातार  उडान प्रशिक्षण     की निरंतरता बनाये रखनेके लिये को  इग्रुआ उडानबेडा महाराष्ट्र के  गोंडिया एयरपोर्ट के लिये प्रस्थान करतीहै । सर्दी आरम्भ   होते उडानअनुदेशको एवम कैडिटो का जत्था जहाजो के एक बेडे को लेकर गोंडिया हवाईअड्डा  पहुच जाते है यह एएआई के अधीनहै यहा   पर नियातम संस्थान के कैम्पस मे आवासीय व्यवस्था होती है । ये सभीआरामसे एक रूममे दो कैड्ट्स के हिसाब से    रहते है ।

185घंटो की उडान पूरीकरने पर तथा 15घंटे मल्टीइंजिन वायुयान पर उडान  के बाद 200घंटे होने पर कैडिट अपने कंधो पर दूसरी  सुनहरी पट्टी धारण करते है ।यह कैडिट के सपने साकार होने का समय  होता है जो उसने कभी उडान की दीवानगी के लिये देखा था ।

सारे डीजीसीए की परीक्षा व सबंधित टेस्ट देने के बाद कैडिट डीजीसीए मे सीपीएल लायसेंस के निर्गमन हेतु प्रार्थना पत्र प्र्स्तुत करता है ।

 

 

सी आर एम तथा एमसीसी  ट्रेनिंग

 

200 घंटे पूरे होने के बाद इग्रुआ डायमंड डीए  42 सिमुलेटर पर मल्टी क्र्यू को आर्डीनेशन कोर्स उपलब्ध कराता है यह कोर्स एक अति अनुभवी एयलाइंस के  रिटायर्ड कैप्टन द्वारा कराया जाता है जहा पर इगुआ के प्रशिक्षित पायलट वायुयान को एक एयपोर्ट  से दूसरे एयर पोर्ट तक ले जाने मे कांफीडेंट होते है वही दूसरी ओर एम सी सी कैडिटो को एयरलाइंस कॉक्पिट मे जिम्मेदारी के साथ हिस्सा लेना सिखाती है ।

इस चरण मे सी पी एल धारक ऑपरेटिंग  प्रोसीजर का अभ्यास बडे एयर्पोर्ट्स मे करते है।  यह प्रशिक्षण वास्तव मे  कैडिट को भविष्य के लिये अपनीभूमिका व आगे आने वाले कठिन कार्यो को अच्छे ढंग से पूरा करने के लिये तैयार करता है।  इग्रुआ मात्र अकेला संस्थान है जहा पर इस तरह की एड  –ऑन वैलू प्रशिक्षण एम सी सी  के तौर पर दी जाती है ।

हाँ  अब आप किसी भी देश या विदेश मे पायलटकी गौरव पूर्ण सेवा हेतु  सीपीएल+आईआर +एमई रेटिंग्स के अलावा और भी बहुत सारे उडान सम्बंधी शिल्प योग्यता और अनुशासन के साथ तैयार है ।  अंतत: इग्रुआ से समग्रता के साथ उडान मे प्रशिक्षित पायलट   देश व  दुनिया मे कही भी और किसी भी एयर लाइंस/उडान प्रचालन सेवाओ  मे अपनी ष्रेष्ठतम भूमिका हेतु प्रतिब्द्ध है ।

 

मुख्य विशेषताएँ
क्विक लिंक्स
Alumini
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